Author name: gyanyogpeeth

श्रीमद् भगवत गीता दशम अध्याय विभूति योग अर्थ | Bhagavad Gita Chapter 10 in Hindi

श्रीमद भगवत गीता के दशमाध्याय में भगवान अर्जुन से कहते है,  हे अर्जुन! इस लोक में मुझ में प्रबल निष्ठा रखता है। ऐसे मनुष्य के लिये मै अपने  गुणतम रहस्य को भी स्पष्ट कर देता हूँ । हे अर्जुन! में देवता एवं महर्षियो का आदि कारण हूँ । अतएव मेरी  उत्पति को अर्थात प्राकटय ( […]

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श्रीमद् भगवत गीता तृतीय अध्याय “कर्मयोग अथवा समत्व योग अर्थ” | Bhagavad Gita Chapter 3 in Hindi

श्रीमद भगवत गीता के तृतीय अध्याय में अर्जुन भगवान श्रीकृष्ण से पूछते है । है भगवान ! आपके कथनानुसार यदि कर्म योग की अपेक्षा ज्ञान श्रेष्ठ है । तो आप मुझे युद्ध रुपी महान भंयकर कर्मयोग में क्यो प्रवृत कर रहे है। आपके मिश्रित वचनो से मेरी बुद्धि निर्णय नही कर पा रही है ।

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श्रीमद् भगवत गीता द्वितीय अध्याय “सांख्य योग अथवा ज्ञान योग” अर्थ | Bhagavad Gita Chapter 2 in Hindi

श्रीमद भगवद गीता के अनुसार सांख्य योग अथवा ज्ञान योग का विवेचन – महाभारत युद्ध के प्रारम्भ में अर्जुन को अपने सम्बन्धियो को देखकर अत्यन्त करुणा उत्पन हुयी। अर्जुन की करुणा युक्त स्थिति को देखकर भगवान कृष्ण अर्जुन  से कहने लगे है अर्जुन ! तुम्हे असमय में यह श्रेष्ठ पुरुषो के द्धारा त्याज्य स्वर्ग की

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श्रीमद् भगवत गीता प्रथम अध्याय “अर्जुन का विषाद योग” अर्थ | Geeta First Chapter in Hindi

अर्जुन का मोह जब महाभारत का युद्ध शुरु होने वाला था तभी अर्जुन को अपने परिजनो से मोह हो जाता है और वह युद्ध करने से मना कर देता है भगवान श्रीकृष्ण तब अर्जुन को गीता का ज्ञान देते है है अर्जुन प्राणीमात्र अपने जीवन में दुःखो की निवृति तथा सुख की प्राप्ति चाहता है।

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आसनों का महत्व , ज्ञान व वर्गीकरण

आसनों का महत्व , ज्ञान व वर्गीकरण :- योग में आसनो का बडा ही महत्व है जिन का हमारे शरीर पर बडा ही चमत्कारी प्रभाव पडता है। जिसका रोगो पर अदभुद प्रभाव पडता है व धीरे धीरे हमारी बिमारीया ठीक होने लगती है। हमारी रोगो से लडने की क्षमता बढ जाती है। व शरीर हल्का

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कौवे का घमंड कहानी | Boasting of Crow Hindi Story

साँझ का समय था। रात होने वाली थी। जल काक का एक समूह समुद्र के किनारे से जा रहा था। सभी आपस में बाते करते हुये उड रहे थे। तभी एक कौआ उनका मजाक उडाने की कोशिश करने लगा। और उन्हे कहने लगा तुम लोग पंख फेलाकर उडने के शिवा कर ही क्या सकते हो।

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योग का रक्त परिसंचरण तंत्र पर प्रभाव

योग का मानव रक्त परिसंचरण तंत्र पर बडा ही आश्चर्य जनक प्रभाव देखने को मिलता है। रक्त परिसंचरण तंत्र मानव शरीर का एक अति आवश्यक संस्थान है। जिसके माध्यम से पानी आहार तथा आक्सीजन व अन्य महत्वपूर्ण पदार्थ उतको व कोशिकाओ तक पहुंचते है। इस क्रिया में रक्त, हदय व रक्त वाहनियो का मिला जुला योगदान

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उगता सूरज और प्रकृति का मनोहारी रूप

सुबह की ये किरण आयी की इसने मेरे कण कण को भाव विभोर कर दिया। ऐसा लगा मनो प्रकृति ने सारी धरती को अपनी गोद में ले लिया। ये सुन्दर और प्यारे से पंछीयो ने अपनी चह चहाट से इसमें चार चाँद लगा दिया। इस मन हरने वाले दृष्य को देखकर हर किसी का ह्दय

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पुण्य का फल कहानी | Fruits of Virtue Hindi Story

बात उस समय की है जब महाभारत के युद्ध में पाण्डवो ने विजय प्राप्त कर एक विशाल यज्ञ का आयोजन करवाया था। यज्ञ के समापन के बाद गरीबो में काफी धन धौलत दान में बांटी गयी । जिसको देखकर सभी इस सब की तारीफ कर रहे थे । पाण्डवो के इस यज्ञ की चर्चा चारो

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योगासन करते समय किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए

आसनों में सावधानियां : आसन करते समय कुछ खास बातो का खयाल अवश्य रखे। ताकि आपको आसनो का पूरा पूरा फायदा मिले। 1 –  आसनो को किसी योगा की पुस्तक में देखकर व पढकर करने का प्रयास न करे। 2 –   किसी अनुभवी योगाचार्य की देखरेख में ही करे । 3 – किसी भी

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