योग में वर्णित आसन, प्राणायाम, मुद्रा व बंध से सम्बंधित सम्पूर्ण ज्ञान व प्रभाव

वर्तमान युग में यदि आपको निरोगी शरीर चाहिये तो वह योग से ही सम्भव है। योग प्राचीन समय से ही हमारे साथ चलते आया है। लेकिन अपनी अचेतनता के कारण मानव समुदाय इससे दूर ही रहा। वर्तमान समय में मनुष्य की जीवन शैली मे हो रहे बदलाव के कारण यह उसके लिये अति आवश्यक हो गया।

योग की बढती आवश्कता को देखते हुये योग मनुष्य के जीवन का एक मुख्य अंग कहा जा सकता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुये यह ब्लॉग आपके लिये योेग से सम्बन्धित बातो के साथ साथ आपको योग के विषय पर सम्पूर्ण ज्ञान प्रदान करेगा। जिसका लाभ आप अवश्य उठाये । व स्वस्थ होने के साथ साथ अपने चित को भी खुशनुमा बनाये। जिससे आप भी योग की प्राचीनता व महत्व को समझ सकेंगे।

योग के अभ्यासीयो के लिये यहां प्रत्येक आसन, प्राणायाम, मुद्रा व बंध से संबंधित जानकारी प्रदान की जा रही है तथा योग का मानव शरीर, अस्थियो, रक्त परिसंचरण तंत्र, श्वसन तंत्र, पाचन तंत्र, प्रजनन संस्थान पर क्या क्या प्रभाव पडता है। जिसका उल्लेख दिये गये लिको पर क्रमश दिया जा रहा है।

योग का मानव शरीर पर प्रभाव

अस्थियो पर योग का प्रभाव

योग का रक्त परिसंचरण तत्र पर प्रभाव

योग का श्वसन तंत्र पर प्रभाव

योग का पाचन तंत्र पर प्रभाव

योग का प्रजनन संस्थान पर प्रभाव

जिसे आप अवश्य ही अपने जीवन में उतार कर इससे लाभ प्राप्त करेगे। लेकिन योग में आसन, प्रणायाम, मुद्रा व बंध करने के लिये कुछ खास सावधानियां बरतने की आवश्कता होती है जिनका पालन आपको अवश्य करना चाहिये। अन्यथा आपको परेशानी हो सकती है। नीचे दिए गए लिंक पर जाकर दिए निर्देश अवश्य पढ़े।

आसनो में सावधानियां

प्राणायाम में सावधानियां

बंध में सावधानियां

मुद्रा में सावधानियां

नीचे दिये लिक्स पर आसन, प्राणायाम, मुद्रा, बंध व ध्यान से सम्बन्धित सम्पूर्ण के जानकारी प्रदान की जा रही है जिन्हे आप अवश्य पढे।

आसन  – आसनों के नाम व प्रकार

प्राणायाम

मुद्रा –

बंध –

ध्यान से सम्बन्धित जानकारी-

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