श्रीमद् भगवत गीता द्वितीय अध्याय “सांख्य योग अथवा ज्ञान योग” अर्थ

श्रीमद भगवद गीता के अनुसार सांख्य योग अथवा ज्ञान योग का विवेचन – महाभारत युद्ध के प्रारम्भ में अर्जुन को अपने सम्बन्धियो को देखकर अत्यन्त करुणा उत्पन हुयी। अर्जुन की करुणा युक्त स्थिति को देखकर भगवान कृष्ण अर्जुन  से कहने लगे है अर्जुन ! तुम्हे असमय में यह श्रेष्ठ पुरुषो के द्धारा त्याज्य स्वर्ग की … Read more