योग

योग के बाधक तत्व | Yog Ke Badhak Tatva

हठयोग में बाधक तत्वों का परिचय :- हठ प्रदीपिका अनुसार बाधक तत्व-हठ प्रदीपिका में छह प्रकार के बाधक तत्व भी बताए गए हैं जो इस प्रकार हैं -अत्याहार, अति प्रयास, नियम आग्रह, जनसंघ, अधिक बोलना, जनसंघ, चंचलता ये 6 योग को नष्ट करने वाले तत्व है अर्थात योग मार्ग में प्रगति के लिए बाधक है। […]

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हठयोग के साधक तत्व | Yog Ke Sadhak Tatva

हठयोग में साधक तत्वों का परिचय हठ प्रदीपिका के अनुसार 6 साधक तत्व बताए गए हैं। जो इस प्रकार हैं । उत्साह, साहस, धैर्य, यथार्थ ज्ञान, संकल्प तथा लोक संघ का परित्याग 6 तत्वों से योग की सिद्धि होती है। अतः यह योग के साधक तत्व है। उत्साह योग साधना में लीन होने के लिए

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रक्षाबंधन

रक्षाबंधन हिंदुओं का एक प्रमुख त्योहार है। यह श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है और यह भारत के साथ-साथ अन्य देशों में भी मनाया जाता है। परंतु भारत देश में इसे भाई बहन के प्यार का प्रतीक माना जाता है। भारत एकमात्र देश है जो इसे पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाता है।

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इशादि नौ उपनिषद के नाम

ईशावास्योपनिषद् केनोपनिषद् कठोपनिषद् प्रश्नोपनिषद् मुंडकोपनिषद् मुंडक उपनिषद् मांडूक्योपनिषद् ऐतरेयोपनिषद उपनिषद् तैत्तिरीय उपनिषद्

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घटस्थ योग (स्थूल शरीर को जानना)

घटस्थ योग : घट का अर्थ होता है घड़ा । जब हम घड़े की कल्पना करते हैं तो मिट्टी से बनी एक आकृति मानस पटल में उभरती है। हम इसकी बहाए आकृति को देखते हैं पर हमे यह मालूम नहीं रहता। उसके अंदर क्या भरा है हो सकता है कि उसमें पानी भरा हो अन्य

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सात चक्र क्या है | 7 Chakra in Hindi

सात चक्र क्या  है चक्र मानव शरीर में अलग अलग स्थानो पर सात प्राण उर्जा के केन्द्र है जो हमारे शरीर में व्यात प्राण के प्रवाह को नियन्त्रित रखते है।  जिनके कारण से ही मनुष्य के शरीर में सतुलन बना रहता है। यह सात चक्र ही प्रकति से उर्जा ग्रहण करते है और यह चक्र

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गीता के 18 अध्यायों के नाम | Geeta ke 18 Adhyay ke Naam

गीता के 18 अध्यायों के नाम :- 1. प्रथम अध्याय – ‘अर्जुन का विषाद योग’। 2. द्वितीय अध्याय – ‘सांख्य योग’ (ज्ञानयोग) । 3. तृतीय अध्याय – कर्मयोग। 4. – चतुर्थ अध्याय – ‘ज्ञानकर्मसंन्यासयोग’ । 5. पंचम अध्याय. – ‘कर्मसंन्यासयोग’ । 6. षस्ट अध्याय – ‘आत्मसंयम योग’। 7. सप्तम अध्याय – ‘ज्ञान विज्ञान योग’। ८.अष्टम

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पंच तत्व का आपस में हुआ विवाद कौन है सबसे बड़ा

आदिकाल में एक समय शरीर के भीतर निवास करने वाले सभी  देवी देवताओं वायु अग्नि, जल, पृथ्वी, आकाश, वाणी, मन आदि सभी में वाद विवाद हो गया। प्रत्येक स्वयं को श्रेष्ठ बता रहा था। हर कोई यह कह रहा था कि मैं इस नाशवान शरीर को जीवित रखता हूं । हर एक स्वयं को श्रेष्ठ

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स्वस्थ व्यक्ति कौन है ? | Swasth Vyakti Koun Hai

आधुनिक समय में योग की बहुत अधिक आवश्यकता है। परंतु प्रश्न यह उठता है कि यदि व्यक्ति स्वस्थ है तो क्या उसे योग अभ्यास करना चाहिए। सबसे पहले हमें यह जानना होगा कि स्वस्थ व्यक्ति कौन है?  जो व्यक्ति शरीर से तंदुरुस्त है। क्या उसे हम स्वस्थ कह सकते हैं? नहीं ऐसा नहीं है आयुर्वेदाचार्य

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वैज्ञानिक शोध (समस्या) की विशेषताएं

वैज्ञानिक समस्या की विशेषताएं 1. समस्या स्पष्ट हो। 2. समस्या समाधान योग्य होनी चाहिए। 3. समस्या परीक्षण योग्य होनी चाहिए। 4. एक वैज्ञानिक समस्या से संबंधित आंकड़ों का स्वरूप परिमाणात्मक होना चाहिए। 5. एक वैज्ञानिक समस्या से संबंधित चरों का स्वरूप स्पष्ट  तथा निश्चित होना चाहिए। 6. समस्या का आकार और क्षेत्र सीमित होना चाहिए

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