रक्त के कार्य | Function of the Blood in Hindi

1 ताप नियंत्रण (Temperature control)

  • रक्त का सबसे महत्वपूर्ण कार्य तापमान का नियंत्रण करना है।
  • जब तक व्यक्ति जीवित है रक्त परिसंचरण होता रहेगा और जब कोई भी चीज गतिशील रहती है तो उसमें ऊष्मा होती है।
  • इसलिए पूरे शरीर में जब तक रक्त दौड़ेगा तब तक हमारे शरीर में तापमान 37 डिग्री बना रहेगा क्योंकि रक्त के घूमने की स्पीड भी फिक्स है 120 के प्रेशर से जाता है और 80 के प्रेशर से आता है।
  • जब तक रक्त चलेगा तब तक शरीर गर्म रहेगा और जब रक्तचलना बंद हो जाएगा तब शरीर ठंडा पड़ जाएगा अर्थात व्यक्ति की मृत्यु हो जाएगी।
  • मलेरिया नामक बीमारी में (Spleen) खराब होने लगता है तो ब्लड भी खराब होने लगता है इसलिए मलेरिया में पूरे शरीर का टेंपरेचर घटने लगता है।

2 पोषक पदार्थों का परिवहन।

3. गैसों का परिवहन।

4. उत्सर्जी पदार्थों का परिवहन।

5. रक्त ऑक्सीहिमोग्लोबिन के रूप में ऑक्सीजन उतको तक ले जाता है।

6. रक्त हार्मोन्स एवं विटामिन्स का एक अंग से दुसरे अंग तक संवहन करता है और उनके (Target organ) तक पहुचाने तक का काय्र करता है।

7. रक्त शरीर में परिसंचरण करते हुए एक अंग का दुसरे से सम्बन्ध बनाये रखतो है।

8. रक्त टुटी फुटी मृत कोशिकाओं को लीवर और (Spleen) में पहुचाता है जहां वे नष्ट हो जाती है।

9.रक्त शरीर के अंगों की कोशिकाओं की मरम्मत करता है तथा कोशिकाओं के नष्ट हो जाने पर उनका नव निर्माण भी करता है।

10. रक्त शरीर की रोंग जनक जीवाणुओं तथा हानिकारक विषों से जीवाणु भक्षण क्रिया द्वारा तथा ऐन्टीबॉडी एवं ऐन्टीटॉक्सिन उत्पन्न करके रकक्ष करता है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *