नपुंसकता के मुख्य लक्षण, कारण और उपचार | Napunsakta Hindi

नपुंसकता क्या है नपुंसकता आज के समय मे पुरुषों में होने वाली एक ऐसी आम समस्या है यह समस्या प्रजनन प्रणाली में संरचनात्मक क्रियात्मक या मनोभावनात्मक के कारणों से आ जाती है। साधरणतः संतान नही होने के कारणों का पता लगने पर लगभग एक तिहाई जोड़ो में पति के दोषों को उत्तरदायी माना जा सकता … Read more

भगवान शंकर की भक्ति और महामृत्युंजय मंत्र का फल एवं प्रभाव

भगवान शिव के सूर्य चंद्र अग्नि रूप तीन नेत्र के कारण इन्हें त्रियंबक नाम से संबोधित किया जाता है। सनातन धर्म प्रेमियों में अनंत देवी देवताओं की पूजा उपासना अर्चना अपनी अपनी श्रद्धा निष्ठा एवं फल आकांक्षाओं की प्राप्ति हेतु की जाती है। मगर उन सब में भगवान आशुतोष (शंकर) की उपासना सर्वोपरि मानी जाती … Read more

अनुसंधान क्या है इसकी आवश्यकता क्यों है और इसकी परिभाषा

अनुसंधान शब्द की उत्पत्ति एक ऐसे शब्द से हुई है, जिसका अर्थ सब दिशाओं में जाना अथवा खोज करना है। Resarch शब्द स्वयं दो शब्दों से मिलकर Re+Search से मिलकर बना है। शोद शब्द से भी ऐसे सम्मिलित अर्थ का बोध होता है। जिसका उद्देश्य खोज की पुनरावृति होती है। अर्थात एक अन्वेषण इंक्वायरी होती … Read more

व्याघ्रासन की विधि और लाभ

व्याघ्रासन की विधि वज्रासन में बैठ जाएँ । मार्जारि आसन में आएँ और सामने की ओर देखें । हाथ ठीक कन्धों के नीचे रहें । पूरे शरीर को शिथिल करें । दाहिने पैर को सीधा कर उसे ऊपर और पीछे की ओर तान कर फैलायें । दाहिने घुटने को मोड़े और पैर की उँगलियों को … Read more

कब्ज दूर करने के लिए योगासन | Kabj Dur Karne ke Liye Yogasan

कब्ज आज के समय में एक आम समस्या हो गयी है। जो पाचन संस्थान में गड़बड़ी होने से होती है। जिस से जीवन मे कभी न कभी हर कोई यक्ति ग्रसित हो ही जाता है। कब्ज होने पर पैट में गैस बनने लगती है और फिर यक्ति को अनेक प्रकार की समस्या होने लगती है … Read more

यौगिक चिकित्सा का महत्व एवं इसमें प्रयोग होने वाली विभिन्न क्रियाएं और इनके लाभ

यौगिक चिकित्सा :- यौगिक चिकित्सा से तात्पर्य योग विज्ञान द्वारा रोग का निवारण. चिकित्सा का सामान्य अर्थ उपायों से है जिनसे रोग दूर होता है। आयुर्वेद में कहा गया है आसन प्राणायाम मुद्रा बंद शुद्धि क्रिया एवं ध्यान का उपयोग करें। विभिन्न रोगों की चिकित्सा करना है यौगिक चिकित्सा का उद्देश्य है। एक स्वस्थ व्यक्ति … Read more

जीवन में आहार का महत्व, आवश्यकता और कार्य

आहार आहार प्रत्येक जीव धारियों की आवश्यकता है सभी जीवित प्राणियों को जीवित एवं स्वस्थ बनाए रखने के लिए आहार की आवश्यकता होती है। आहार के अभाव में उनके जीवन एवं अस्तित्व काही बने रहना संभव नहीं है। प्रत्येक प्राणी अपनी सुधा को शांत करने के लिए समुचित आहार का सेवन करता है। आहार मुख … Read more

योग में अनुसंधान का महत्व

योग भारतीय दर्शन का मौलिक अंग है उपनिषद परंपरा के योग को तत्व ज्ञान तथा तत्व अनुभूति के आय के रूप में विकसित किया गया है। पतंजलि योग सूत्र के माध्यम से योग विषय का ज्ञान को क्रमबद्ध रूप से विकसित करके इससे मानस विज्ञान तथा मोक्ष शास्त्र का रूप दिया गया है। भगवत गीता … Read more

वास्तविक विद्या क्या है

आप पढ़ लिख गए। 10वी , 12वी , स्नातक कर लिया, कोई डॉक्टर बन गए , कोई इंजीनियर बन गया, कोई टीचर बन गया , कोई किसान बन गया। अपनी अपनी रुचि के अनुरूप सभी कुछ ना कुछ बन गए। आप कुछ जान लो सिख लो वह सब विद्या है।अनेक प्राकर के कौशल  का ज्ञान … Read more