July 2021

नपुंसकता के मुख्य लक्षण, कारण और उपचार | Napunsakta Hindi

नपुंसकता क्या है नपुंसकता आज के समय मे पुरुषों में होने वाली एक ऐसी आम समस्या है यह समस्या प्रजनन प्रणाली में संरचनात्मक क्रियात्मक या मनोभावनात्मक के कारणों से आ जाती है। साधरणतः संतान नही होने के कारणों का पता लगने पर लगभग एक तिहाई जोड़ो में पति के दोषों को उत्तरदायी माना जा सकता […]

नपुंसकता के मुख्य लक्षण, कारण और उपचार | Napunsakta Hindi Read More »

श्री गणेश भक्ति की सच्ची कहानी

एक अंधी बूढ़ी माता थी। रोज गणेश जी की पूजा करती थी। उनके लिए फूल फल लाना, उन पर माला ढोलक लड्डू और भी कई व्यंजन बनाती थी। उस बूढ़ी माता ने गणेश जी को अपनी भक्ति से प्रसन्न कर लिया था। भगवान गणेश जी ने प्रसन्न होकर बूढ़ी माता से पूछा की है बुढ़िया

श्री गणेश भक्ति की सच्ची कहानी Read More »

भगवान गणेश जी प्रथम पूजन की कथा

एक समय की बात है स्वर्ग लोक में देवताओं की सभा हुई थी। बड़े छोटे की बात चल पड़ी कि कौन बड़ा है और कौन छोटा। आखिर में यह निर्णय हुआ कि जो सबसे पहले ब्रह्मांड की सात फेरे करके आएगा उसी को बड़ा माना जाएगा। सब अपनी अपनी सवारी लेकर चल पड़े। भगवान गणेश

भगवान गणेश जी प्रथम पूजन की कथा Read More »

भगवान शंकर की भक्ति और महामृत्युंजय मंत्र का फल एवं प्रभाव

भगवान शिव के सूर्य चंद्र अग्नि रूप तीन नेत्र के कारण इन्हें त्रियंबक नाम से संबोधित किया जाता है। सनातन धर्म प्रेमियों में अनंत देवी देवताओं की पूजा उपासना अर्चना अपनी अपनी श्रद्धा निष्ठा एवं फल आकांक्षाओं की प्राप्ति हेतु की जाती है। मगर उन सब में भगवान आशुतोष (शंकर) की उपासना सर्वोपरि मानी जाती

भगवान शंकर की भक्ति और महामृत्युंजय मंत्र का फल एवं प्रभाव Read More »

करवा चौथ व्रत कथा

कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करवा चौथ कहते हैं। स्त्रियों का यह मुख्य त्यौहार है। यह दशहरे के 10 दिन के बाद आता है। प्रत्येक सुहागन स्त्रियां अपने पति की लंबी उम्र के लिए यह व्रत करती है। इस दिन निर्जला व्रत करें। चंद्र दर्शन के बाद चंद्र को अर्घ्य देकर भोजन करना चाहिए।

करवा चौथ व्रत कथा Read More »

अहोई अष्टमी व्रत कथा विस्तार से

विस्तार में अहोई अष्टमी व्रत कथा एक साहूकार के सात बेटे थे सातों बेटे की शादी हो चुकी थी 1 दिन उनकी बहू है अपनी ननद के साथ चौके के लिए मिट्टी लेने गई ।मिट्टी खोदते समय उनकी ननद से श्याउ के बच्चे मर गए। श्याउ ने कहा कि मैं तुझे श्राप दूंगी तेरी कोख

अहोई अष्टमी व्रत कथा विस्तार से Read More »

भगवान सूर्यनारायण इतिहास, जन्म कथा, महत्व

भगवान सूर्यनारायण के महत्वताइस संसार में भूलोक पर जो भी दृष्टिगोचर है वह सब भगवान सूर्यनारायण की ही कृपा है। सृष्टि के मूल प्रसव है। संपूर्ण लोगों की आत्मा है। पृथ्वी एवं भूलोक पृथ्वी से ऊपर दृष्टिगोचर मात्र आकाश रही सीमा नहीं उसके अनन्य लोक हैं के मध्य स्थित सौर मंडल जहां सभी ग्रह नक्षत्र

भगवान सूर्यनारायण इतिहास, जन्म कथा, महत्व Read More »